हनुमान गायत्री मन्त्र HANUMAN GAYATRI MANTRA

Hanuman Gayatri Mantra

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Hanuman Gayatri Mantra 



ॐ आंजनेयाय विद्मिहे वायुपुत्राय घिमाहि |
तन्नो: हनुमान: प्रचोदयात ||

Om anjeyay vidmahe vayuputray dhimahi |
Tanno: hanuman: prachodayat ||

हनुमान गायत्री मन्त्र के लाभ - Hanuman Gayatri Mantra Benefits 

राम भक्त हनुमान जी को 'संकट मोचन' अर्थात संकट और परेशानियों को दूर करने वाला माना जाता है.

यदि कोई व्यक्ति हनुमान जी के किसी भी मन्त्र का पूर्ण निष्ठा व विश्वास के साथ जप करे तो उस व्यक्ति को हनुमान जी की कृपा व आशीर्वाद से भौतिक और आध्यत्मिक लाभ अवश्य मिलता है.

हनुमान गायत्री मंत्र भी उनमें से एक है. यह एक सात्विक मन्त्र है इस मंत्र को जप करने निम्न लिखित लाभ मिलता है:

  • जप करता को मानसिक शांति मिलती है. 
  • उसे समृधि प्राप्त होती है.
  • व्यक्ति के मनोबल और आत्म विश्वास बढता है.
  • और व्यक्ति के सभी संकट तथा कष्ट दूर हो जाते हैं.


हनुमान गायत्री मंत्र के जप की विधि - Hanuman Gayatri Mantra Ke Jap Ki Vidhi 

नित्य कार्य से निवृत हो करके प्रातः काल पूर्व या उत्तर की तरफ मुह करके किसी शांत स्थान पर बैठ जाएँ.

अपने सामने हनुमान जी का तस्वीर रख लें अपनी आँखें बंद करके बजरंगबली श्री हनुमान जी का ध्यान करें.

ध्यान इस प्रकार है: अतुल बल के धाम सोने के पर्वत सुमेरु के समान कान्ति युक्त शरीर वाले दैत्य रूपी बल के लिए अग्नि रूप ज्ञानियों में अग्रज्ञानिय सम्पूर्ण गुण के निधान बंदरों के स्वामी श्री रघुनाथ जी के प्रिय भक्त पवन पुत्र श्री हनुमान जी को मैं प्रणाम करता हूँ.

इस प्रकार ध्यान के बाद हनुमान गायत्री मंत्र का प्रति दिन 1, 3, 5, या 7 माला का जप करें.

यदि किसी विशेष उद्देश्य के लिए हनुमान गायत्री मंत्र का जप किया जाय तो कम से कम 41 दिन तक 5 या 7 माला का जप अवश्य करना चाहिए. 


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