
डर से मत डर कुछ अलग कर लिरिक्स – ऋतिक रोशन
डर से मत डर
डर से मत डर कुछ अलग कर
छेह उँगलियों वाला कभी कलाकार नहीं बन पायेगा
डर तुझे यह समझायेगा
तू आत्मविश्वास दिखायेगा, तू डर से आँख मिलाएगा
डर से मत डर कुछ अलग कर
डर का सामना कर, आगे बढ़, कुछ अलग कर
ज़िंदगी के हर मोड़ पे तुझे दर्द सताएगा
उसी दर्द का फायदा बिना चुके यह डर उठाएगा
और तुझसे कहेगा की तू आगे कुछ नहीं कर पायेगा
पर क्या वह लिख कर दे पायेगा की तू हार जायेगा
तेरी हर कमजोरी पर यह डर घर बनाएगा
पर तू अपना हुनर दिखायेगा
उसी कमजोरी को तू अपनी ताक़त बनाएगा
और उस दिन यह डर तुझ से डर जायेगा
डर का खेल नीडरर हो के खेल
डर से मत डर मत डर … डर से मत डर
आगे बढ़, भुला दे डर, कुछ अलग कर
Dar Se Mat Dar Kuch Alag Kar Lyrics in English – Hrithik Roshan
Dar Se Mat Dar
Dar se mat dar, kuch alag kar
Chheh ungliyon wala kabhi kalakar nahi ban payega
Dar tujhe yeh samjhayega
Tu atmavishwas dikhayega, tu dar se aankh milayega
Dar se mat dar, kuch alag kar
Dar ka samna kar, aage badh, kuch alag kar
Zindagi ke har mod pe tujhe dard satayega
Ussi dard ka fayda uthaye bina, yeh dar uthayega
Aur tujhse kahega ki tu aage kuch nahi kar payega
Par kya woh likh kar de payega ki tu haar jaayega
Teri har kamzori par yeh dar ghar banayega
Par tu apna hunar dikhayega
Ussi kamzori ko tu apni taakat banayega
Aur uss din yeh dar tujhse dar jaayega
Dar ka khel needar ho ke khel
Dar se mat dar, mat dar… dar se mat dar
Aage badh, bhula de dar, kuch alag kar
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